सरल होना जीवन को सहज बना सकता है
Photo Credit: Pinterest सरल होना जीवन को सहज बना सकता है हमारे जीवन की अधिकांश जटिलताएँ बाहरी घटनाओं से नहीं, बल्कि उनके प्रति हमारे आंतरिक प्रतिरोध से उत्पन्न होती हैं। हम भूतकाल का विश्लेषण करने, भविष्य की योजनाएं बनाने और वर्तमान की वास्तविकता से संघर्ष करने में अपनी अपार ऊर्जा व्यर्थ कर देते हैं। इस निरंतर घर्षण में जीवन भारी, उलझा हुआ और थकाऊ लगने लगता है। किंतु, आत्मसाक्षात्कारी सद्गुरु श्री शिवकृपानंद स्वामीजी के सानिध्य में प्राप्त हिमालयन समर्पण ध्यान हमें एक शाश्वत सत्य की ओर लौटाता है: जब हम भीतर से सरलता चुनते हैं, तो जीवन स्वाभाविक रूप से अपनी जटिलताओं को छोड़ देता है। सरलता गहराई का अभाव नहीं, बल्कि पवित्रता की चरम अवस्था है। यह मन को विकारों से मुक्त करने की वह कला है जिससे हमारी वास्तविक प्रकृति—शुद्ध चेतना—प्रकट हो सके। स्वामीजी के पावन मार्गदर्शन में हम सीखते हैं कि सच्ची सरलता समर्पण से जन्म लेती है। समर्पण का अर्थ हार मान लेना या निष्क्रिय होना नहीं है। वास्तव में, समर्पण आंतरिक साहस का सर्वोच्च रूप है। यह हर परिणाम को नियंत्रित करने की अहंकारी इच्छा को त्य...