यदि सतगुरु जीवन में आएं – क्या यह अंतिम जन्म है?
Photo Credit: Instagram यदि सतगुरु जीवन में आएं – क्या यह अंतिम जन्म है? पुनर्जन्म का प्रश्न सदियों से साधकों को आकर्षित करता रहा है। कई लोग सोचते हैं: यदि सतगुरु हमारे जीवन में आते हैं, तो क्या यह हमारा अंतिम जन्म है? इसका उत्तर केवल संगति में नहीं, बल्कि साधना, भक्ति और जागरूकता की गहराई में है। सतगुरु से मिलना साधारण घटना नहीं है—यह अनेक जन्मों का सबसे बड़ा आशीर्वाद है। सतगुरु सार्वभौमिक चेतना के जीवित स्वरूप हैं, जो साधकों को मुक्ति की ओर मार्गदर्शन करते हैं। जब कोई वास्तव में सतगुरु से मिलता है, तो पुनर्जन्म का प्रश्न नहीं रहता। लेकिन यह सत्य केवल ईमानदार साधना से ही प्रकट होता है। एक कहावत है: “जैसे तेरा गाना, वैसे मेरा बजाना” —जैसी साधना, वैसा ही उत्तर। सतगुरु साधक की साधना के अनुसार चेतना की वर्षा करते हैं। यदि कोई साधक ईमानदारी, भक्ति और विश्वास से साधना करता है, तो सतगुरु की कृपा प्रचुरता से बहती है। लेकिन यदि कोई साधक लापरवाह या आधे मन से साधना करता है, तो रूपांतरण अधूरा रह जाता है। साधना ही साधक और मुक्ति के बीच का पुल है। केवल सतगुरु से बाहरी रूप से मिलना पर्याप्त नह...