ध्यान से सम्पूर्ण शरीर बदल जाता है
Photo Credit: Healthline ध्यान से सम्पूर्ण शरीर बदल जाता है ध्यान को अक्सर मन को शांत करने की साधना माना जाता है, लेकिन इसका प्रभाव इससे कहीं गहरा है। ध्यान केवल मन को नहीं बदलता—यह पूरे शरीर को रूपांतरित करता है। नियमित ध्यान, चाहे अकेले किया जाए या सामूहिक रूप से, हमें सार्वभौमिक चेतना से जोड़ता है। इस जुड़ाव में शरीर, मन और आत्मा एक हो जाते हैं और परिवर्तन पूर्ण हो जाता है। जब हम ध्यान करते हैं, तो हम मौन में प्रवेश करते हैं। यह मौन खाली नहीं होता; यह सार्वभौमिक चेतना की तरंगों से भरा होता है। जैसे ही हम इस प्रवाह में समर्पित होते हैं, हमारे भीतर की असंगतियाँ मिटने लगती हैं। मन की बेचैनी शांत होती है, भावनाओं का बोझ हल्का होता है और शरीर भी प्रतिक्रिया देने लगता है। ध्यान केवल मानसिक अभ्यास नहीं है—यह हमारे अस्तित्व की प्रत्येक कोशिका को छूने वाली प्रक्रिया है। स्वास्थ्य वह क्षेत्र है जहाँ परिवर्तन सबसे पहले दिखाई देता है। तनाव, चिंता और अशांति अक्सर शारीरिक रोगों की जड़ होते हैं। ध्यान इन जड़ों को मिटा देता है। जैसे ही मन शांत होता है, शरीर विश्राम करता है। स्नायु तंत्र संतुल...