वास्तविकता सरल है
Photo Credit: Pinterest वास्तविकता सरल है जीवन जैसा हम अनुभव करते हैं, वह जटिल प्रतीत होता है। इसमें उतार-चढ़ाव हैं, सुख-दुःख हैं, सफलता-असफलता है। भौतिक जगत परिवार की जिम्मेदारियों, काम के दबाव, प्रेम और घृणा, महत्वाकांक्षा और इच्छा, ईर्ष्या और प्रतिस्पर्धा से भरा हुआ है। हम इन्हीं अनुभवों में उलझे रहते हैं और इन्हें ही वास्तविकता मान लेते हैं। पर क्या यह वास्तव में वास्तविकता है? आध्यात्मिक दृष्टिकोण कुछ और बताता है: वास्तविकता सरल है। भौतिक जगत की जटिलताएँ समुद्र की सतह पर उठती लहरों जैसी हैं। वे उठती और गिरती रहती हैं, पर उनके नीचे स्थिर और विशाल जल है। इसी प्रकार, सांसारिक अनुभवों के शोर के नीचे हमारे अस्तित्व का शांत सत्य है। ध्यान इस सत्य का द्वार है। एक सजीव साक्षात्कारी गुरु, जैसे हिमालय के परम पूज्य शिवकृपानंद स्वामीजी के मार्गदर्शन में, हम खोजते हैं कि वास्तविकता मन की अशांति नहीं, बल्कि आत्मा का मौन है। स्वामीजी द्वारा प्रदत्त समर्पण ध्यान में पूर्ण समर्पण ही मार्ग है। समर्पण से अशांत मन विलीन होने लगता है और साधक वास्तविकता की सरलता का अनुभव करता है। ध्यान ही आंतरि...